Thursday, December 9, 2010

~~~...इक शख्स से मुलाकात हुई...~~~

महफिलों में जा बैठे
चैन जब थे लुटा बैठे
कुछ सूझता नहीं था 
ग़ैर से राज़ जता बैठे
ज़िन्दगी कमबख्त ये
इसे गुनाह बता बैठे


खैर इक शख्स से मुलाकात हुई
हम तो 'पल' में दास्ताँ सुना बैठे
पहले-पहल जो उनसे बात हुई
बिन सोचे यार पर्दा भी उठा बैठे
बहुत दिन बाद फिर बरसात हुई
हर फ़िक्र अब 'बावरी' भुला बैठे...

7 comments:

  1. wow kya likhti hai yaar maa kasam :) lovely

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  2. main sirf sochta tha Viti ko pyar ho gaya hai.;)

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  3. महफिलों में मिलती थी वो
    बातें चुलबुली करती थी वो
    जाने क्या-क्या सोचती थी वो
    राज़ जहां के खोलती थी वो
    अपनी ही दुनिया में रहती थी वो
    कितनी रातें न सोती थी वो
    एक दिन राज़ उसने ऐसे बताये
    फिर जाने कहाँ मुझसे खोयी थी वो
    बहुत दिन बाद आज बरसात हुई
    तो जाने क्यों फिर याद आती है वो...

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